जोगा हुआ चिंतामुक्त (हिंदी, हल्बी और गोंडी भाषा में)
0


  • 9/27/2017
  • श्रेणियाँ: दस्तावेज, छत्तीसगढ़, ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता व हाथ धोना, व्यवहार परिवर्तन हेतू संचार, सामुदायिक सहभाग
  • लेखक: smojumdar

ऊपर लिखित कहानी में दो मित्रों के गाँव के बारे में है जहा एक मित्र के गाँव में लोग नियमित रूप से शौचालय का इस्तेमाल, घर और आंगन की स्वछता, रास्ते एवंम अस्पताल भी साफ सुथरे है जिसके वजह से उस गाँव में बिमारिया नहीं है और वही दूसरी जगह पूरा गंध हाल हैंI तो यह कहानी दोनों गाँव का तुलनात्मक तरीके से संबोधित करते हुए गाँव में कैसे सुधार ला सकते है इसकी flip स्टोरी हैI